1 जून से शुरू होगी 2021 की जनगणना, इस बार बदले जाएंगे कई मानक

1 जून से शुरू होगी 2021 की जनगणना, इस बार बदले जाएंगे कई मानक

By: Aryan Paul
January 14, 08:01
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New Delhi: मोदी सरकार ने 2021 की जनगणना की तैयारी शुरू कर दी है। इस साल 1 जून से जनगणना की औपचारिक प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। बता दें कि देश में हर दस साल पर जनगणना की जाती है। 

इस जनगणना के जरिए देश की जनसंख्या और तमाम सामाजिक पहलुओं को भी सामने लाया जाएगा। जनगणना के जरिए उन आंकड़ों को भी समेटा जाएगा, जो अब तक की जनगणना में कभी शामिल नहीं किए गए। अंतिम बार 2011 में जनगणना हुई थी और तब देश की जनसंख्या 1,210854977 बताई गई थी।

जनसंख्या

जानकारी के मुताबिक, इस बार जनगणना के कई मानक बदलेंगे। वक्त और जरूरत के हिसाब से इनमें बदलाव किया जाएगा। संबंधित अधिकारियों का कहना है कि कई मानक वक्त के हिसाब से पुराने हो गए हैं। कई ऐसे मानक जिन्हें अब तक जनगणना में शामिल नहीं किया गया है उन्हें भी शामिल किया जाएगा। 

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जनसंख्या
हाल में कई जानकारों ने बताया था कि कई मोर्चे पर जनगणना या नेशनल सैंपल सर्वे से मिले आंकड़ों से सही तस्वीर सामने नहीं आ पाती है। इन्हीं आलोचनाओं के मद्देनजर इस बार जनगणना में बड़ा बदलाव करने की तैयारी है। जनगणना प्रक्रिया औपचारिक रूप से लॉन्च होने के बाद सरकार इस मसले पर सभी राज्यों और राजनीतिक दलों से भी राय लेगी। उनके सुझाव को इसमें शामिल करने की कोशिश होगी। अधिकारियों के अनुसार जनगणना प्रक्रिया दस सालों में पूरे देश की मौजूदा स्थिति को समझने का सबसे बड़ा मौका होता है। 

2011

मिली जानकारी के मुताबिक मोदी सरकार जनगणना में जातियों को शामिल नहीं करेगी। 2011 की जनगणना में भी इसका प्रावधान नहीं था, लेकिन राजनीतिक विरोध के बीच तत्कालीन यूपीए सरकार को इसके लिए सहमत होना पड़ा था, लेकिन बाद में जनगणना होने के बाद भी उन आंकड़ों को जारी नहीं किया गया। सरकार का तर्क था कि इसमें लाखों गड़बड़ियों की शिकायतें मिलीं जिस कारण इस डेटा को पब्लिक नहीं किया गया। रिपोर्ट के अनुसार पूरे देश में 46 लाख से अधिक जातियां और उपजातियां पाई गई थीं। 

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