खत्म होगा ‘सुप्रीम’ संकट, आज जजों से मिलेंगे चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा

खत्म होगा ‘सुप्रीम’ संकट, आज जजों से मिलेंगे चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा

By: Naina Srivastava
January 14, 08:01
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New Delhi: न्यायपालिका की एक तस्वीर ने पूरे भारत को हिलाकर रख दिया है। जब देश के SC के 4 जजों ने देश के इतिहास में पहली बार मीडिया से इस तरह से खुलकर बात की। बताया जा रहा है कि आज जजों से CJI की मुलाकात होगी। 

मामला गंभीर है और घमासान देश की सबसे बड़ी अदालत का है। ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि न्याय के इस मंदिर के पुजारियों का ये विवाद कब और कैसे खत्म होगा। विवाद को सुलझाने के लिए आज का दिन अहम साबित हो सकता है। सर्वोच्च न्यायालय के 4 शीर्ष न्यायाधीशों की ओर से सर्वोच्च न्यायालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जाने से उपजे संकट के बीच प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा बगावती तेवर अपनाने वाले न्यायाधीशों से आज मुलाकात कर सकते हैं, इनमें से दो न्यायाधीशों ने शनिवार को मुद्दा सुलझाने की ओर इशारा भी किया है। बागी तेवर अपनाए चार में से तीन न्यायाधीश राष्ट्रीय राजधानी से बाहर हैं और रविवार दोपहर तक उनके यहां वापस आने की संभावना है।

इस रिपोर्ट की हालांकि कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि न्यायमूर्ति मिश्रा सवाल उठाने वाले चारों न्यायाधीशों से मुलाकात करेंगे। लेकिन न्यायायमूर्ति कुरियन जोसेफ, रंजन गोगोई और महान्यायवादी के के वेणुगोपाल से मिल रहे संकेतों से इस विवाद पर सुलह के आसार नजर आ रहे हैं।


मुकदमों के ‘चुनिंदा’ तरीके से आवंटन और कुछ न्यायिक फैसलों के विरुद्ध चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया के खिलाफ एक तरह से बगावत का कदम उठाने वाले सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठतम जजों में एक न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ ने भरोसा जताया है कि उन्होंने जो मुद्दे उठाए हैं, उस मुद्दे को कोर्ट के अंदर ही सुलझाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस विवाद को बाहर से सुलझाने की जरूरत नहीं है। हालांकि उन्होंने फिर दोहराया कि सुप्रीम कोर्ट में सुधार की जरूरत है।

केरल में अपने पैतृक घर पहुंचे न्यायमूर्ति जोसेफ ने कहा, ‘हम न्याय और न्यायपालिका के पक्ष में खड़े हुए। एक मुद्दे की ओर ध्यान दिलाया गया है। इस मुद्दे पर ध्यान लाने पर निश्चित तौर पर यह मुद्दा सुलझ जाएगा।’ न्यायमूर्ति जोसेफ ने बताया कि उनके साथ चार अन्य जजों ने न्यायपालिका में लोगों का भरोसा जीतने के लिए ये काम किया है।

न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ ने कोच्चि में कहा कि शीर्ष न्यायालय में कोई भी संवैधानिक संकट नहीं है और जो मुद्दे उन लोगों ने उठाए हैं, उनके सुलझने की पूरी संभावना है। न्यायामूर्ति जोसेफ ने कहा, 'हमने एक उद्देश्य को लेकर ऐसा किया था और मेरे विचार से यह मुद्दा सुलझता दिख रहा है। यह किसी के खिलाफ नहीं था और न ही इसमें हमारा कुछ निजी स्वार्थ था। यह सर्वोच्च न्यायालय में ज्यादा पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से किया गया था।'

न्यायमूर्ति जोसेफ ने कहा, 'किसी भी प्रकार का संवैधानिक संकट नहीं है और केवल प्रकिया में समस्या है, जिसे सही कर लिया जाएगा।' उन्होंने कहा कि चार न्यायाधीशों ने शुक्रवार को जारी पत्र में सबकुछ लिख दिया था और इस पत्र को उन्होंने एक माह पहले ही न्यायमूर्ति मिश्रा को भेज दिया था।

यह पूछे जाने पर कि क्या आपको लगता है कि न्यायाधीशों को अपनी शिकायतें इस तरह सार्वजनिक नहीं करनी चाहिए थीं, उन्होंने कहा, 'जो समस्या है, कोई भी दोनों पक्षों को देख सकता है, हमें जो भी कहना था हमने पत्र में लिख दिया था। एक माह गुजरने के बाद भी उस पत्र का कोई असर होता दिखाई न देने पर हमने पत्र को सार्वजनिक किया।' इस मुद्दे से राष्ट्रपति को अवगत नहीं कराए जाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, 'राष्ट्रपति केवल नियुक्ति अधिकारी (अप्वॉइंटिंग अथॉरिटी) हैं।'

चीफ जस्ट‍िस दीपक मिश्रा पर शुक्रवार को आरोप लगाने वाले चार जजों में से एक जस्ट‍िस रंजन गोगोई ने शनिवार को कहा कि कोई संकट नहीं है। न्यायमूर्ति गोगोई एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए आये कोलकाता आए थे। कार्यक्रम के इतर उनसे पूछा गया कि संकट सुलझाने के लिए आगे का क्या रास्ता है, इस पर उन्होंने कहा, 'कोई संकट नहीं है'।

यह पूछे जाने पर कि उनका कृत्य क्या अनुशासन का उल्लंघन है, गोगोई ने यह कहते हुए टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि 'मुझे लखनऊ के लिए एक उड़ान पकड़नी है। मैं बात नहीं कर सकता।' सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ जस्ट‍िस राज्य विधिक सेवा प्राधिकारियों के पूर्वी क्षेत्रीय सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए आए थे।

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