शुक्रिया खाकी! इंस्पेक्टर पंकज ने उठाया नशे की गिरफ्त में फंसे 'बचपन' को संभालने का जिम्मा

शुक्रिया खाकी! इंस्पेक्टर पंकज ने उठाया नशे की गिरफ्त में फंसे 'बचपन' को संभालने का जिम्मा

By: shailendra shukla
January 14, 15:01
0
Hapur: अक्सर आपको कुछ छोटे बच्चे नशे की गिरफ्त में जकड़े हुए दिख जाएंगे और हम-आप इनका तिरस्कार कर चलते बनते हैं लेकिन उनकी परेशानी नहीं पूछते।

लेकिन हापुड़ के कोतवाली थानाध्यक्ष पंकज लवानिया ने ऐसे ही कुछ बच्चों की जिम्मेदारी उठा ली है जो भीख मांगकर गुजारा करते थे और भीख से मिले पैसे को लेकर नशा करते थे।

कोतवाली थानाध्यक्ष पंकज लवानिया अपनी टीम के साथ चेकिंग में निकले तो कुछ मैले कुचैले कपड़े पहने बच्चे दिख जाते हैं। वह वाहन रोकते हैं और बच्चों को बुलाकर पूछते हैं कि बेटा क्या करते हो? बच्चे जवाब दे ही रहे थे तभी एक पुलिसकर्मी की नजर उनमें से एक बच्चे के हाथ पर पड़ती है। कुछ शक हुआ तो उसके हाथ से उसे निकाला और देखते ही सभी स्तब्ध रह गए।

इसे भी पढ़ें-

इजरायल के बच्चे पढ़ते हैं शहीद मेजर दलपत की कहानी, भारत भगत सिंह को कब बताएगा शहीद?

दरअसल उस कपड़े पर टिंचर (पंचर लगाने वाला ट्यूब) छिड़का हुआ था और बच्चे उसे सूंघ कर नशा कर रहे थे। बाक़ी को भी चेक किया तो उनसे वही ट्यूब और गंदे रुमाल जैसे कपड़े मिले जिनको सभी बच्चों ने पुलिस को देख अपनी जेब में रख लिया था।

थानाध्यक्ष पंकज और उनकी टीम बच्चों के साथ

बच्चों की उम्र देख सभी सोचने पर मजबूर हो गए कि ज़रा सी उम्र में ये बच्चे आख़िर कहाँ जा रहे हैं। जिन हाथों मे पेन और कंधे पर बैग होना चाहिए उनमें नशीली चीज़ें जिससे वो इसके आदी होने के कगार पर हैं। सभी बच्चों को सीधे थाने लाया गया और उनके मैले कुचैले कपड़े उतरवाकर सभी के लिए नए कपड़े दिलवाए गए। खाना खिलाया गया और उनके माता-पिता को थाने बुलवाया गया।

इसे भी पढ़ें-

'तीन मूर्ति चौक' को 'तीन मूर्ति हैफा चौक' कहिए! वर्ल्ड वार-I का 'हाइफा डे' है रिनेम का कारण

बच्चों के माता-पिता से बात की गई तो बड़ी दर्द भरी कहानी सुनने को मिली। बच्चे भीख भी मांगते थे। जब उनसे पुछा गया कि आप लोग क्या करते है? तो उन लोगों ने बताया कि हम लोग मज़दूरी करते हैं लेकिन मजदूरी से इतने पैसे नहीं मिलते की घर परिवार चल सके। कुछ पैसे बच्चे भीख मांगकर ले आते हैं तो साहब काम चल जाता है।

इसे भी पढ़ें-

अपने लोकतंत्र की ताकत देखो,इजरायल से लहरता आया तिरंगा और कुछ लोग कहते हैं लाेकतंत्र खतरे में है

जवाब से दु:खी थानाध्यक्ष पंकज लवानिया ने बच्चों के माता-पिता से कहा कि अब ये बच्चे न तो भीख माँगेंगे और न ही नशा करेंगे। अब ये सभी नौनिहाल स्कूल जाएँगे और पढ़ेंगे, जो ख़र्चा होगा मैं वहन करूँगा और खाना खाने थाने पर ही खाएंगे। इनकी काउनसलिंग एक महिला सब इंस्पेक्टर करेंगी।

यह सुनकर बच्चों के माता-पिता बहुत खुश हुए और सिर्फ़ यही बोले साहब जी आप देवता हैं वरना इतना कौन करता है। इंस्पेक्टर पंकज के इस सराहनीय कार्य का लाइव न्यूज भी समर्थन करता है। उनसे उम्मीद किया जाता है कि वह इसी तरह जरूरतमंदों की मदद करते रहेंगे।  

हर ताज़ा अपडेट पाने के लिए के फ़ेसबुक पेज को लाइक करें।