कभी भारतीयों को जहाजोें में गुलामों की तरह लाद ले गए थे अंग्रेज, आज हैं इन देशों के PM

कभी भारतीयों को जहाजोें में गुलामों की तरह लाद ले गए थे अंग्रेज, आज हैं इन देशों के PM

By: Aryan Paul
January 14, 16:01
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New Delhi: कभी भारत से ज्यादातर प्रवासी गिरमिटया मजदूर बनाकर यूरोप ले जाए गए थे। और आज यूरोप के कई देशों के वो लोग प्रधानमंत्री भी हैं, जानिए-

हाल ही में 9 जनवरी को दिल्ली में प्रवासी सांसद सम्मेलन हुआ। इसकी शुरुआत अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रधानमंत्री रहते की थी। जिसके तहत भारत में और विदेशों में रहने वाले भारतीय मूल के लोग इकट्ठे होकर अपने पूर्वजों को याद करते हैं और जिन देशों में वे बस गए हैं उन देशों की संस्कृति और सभ्यता के बारे में अपने अन्य प्रवासी भारतीयों को बताते हैं। 

फिजी

बता दें कि अधिकतर प्रवासी प्रथम विश्वयुद्व के बहुत पहले गिरमिटया मजदूर बनाकर कई देशों में ले जाए गए थे, तब अंग्रेज उन्हें पानी के जहाजों में लादकर ले जाए गए थे। चीनी की पैदावार को लेकर बिहार और उत्तर प्रदेश के मजदूरों को ले जाया गया था। इन मजदूरों को बताया गया था कि कलकत्ता बंदरगाह के बिल्कुल नजदीक एक द्वीप है, जहां सोने की खान है। यदि ये मजदूर वहां काम करेंगे तो कुछ वर्षो में वे ढेर सारा धन कमा कर भारत अपने गांव लौटेंगे। पर ऐसा कभी संभव नहीं हो सका।

सूरीनाम
उन मजूदरों से एक एग्रीमेंट करवाया गया, जिसमें लिखा था कि वो किसी भी हालत में 5 से 10 वर्ष पहले भारत नहीं लौटेंगे। अनपढ़ होने के कारण मजदूर एग्रीमेंट को गिरमिट कहने लगे और धीरे धीरे यह शब्द ‘गिरमिटिया’ के रूप में बोला जाने लगा। उसके बाद संसार के जिन देशों में इन मजदूरों को अंग्रेज ले गए उन्हें ‘गिरमिटिया’ मजदूर कहा जाने लगा। ये मजदूर मॉरीशस, सूरीनाम, फिजी और अनेक दूसरे देशों में गए। अधिकतर लोग तो वहीं बस गए और जो लोग भारत आए वे भी कुछ वर्ष तक अपने गांव में रहकर इन देशों में वापस लौट गए। इन देशों की संस्कृति में उन्होंने अपना समावेश कर लिया। 

सूरीनाम

आज 100 साल से भी ज्यादा का समय हो गया है और ‘गिरमिटया’ मजदूरों की संतानें इन देशों में बहुत ऊंचे पदों पर हैं। कई लोग प्रधानमंत्री हुए। मोदी चाहते हैं कि इन देशों के सांसदों को भारत बुलाया जाए और उन्हें सम्मानित किया जाए। बता दें कि मॉरीशस, आयरलैंड और पुर्तगाल के मौजूदा प्रधानमंत्री भारतीय मूल के हैं। फिजी, ब्रिटिश, गायना और जमैका की सरकारों के प्रधान भी मूल रूप से भारतवंशी हैं। आज की तारीख में कनाडा के रक्षा मंत्री हरजित सज्जन और तीन अन्य कैबिनेट मंत्री भी भारतीय मूल के हैं। 2017 के ब्रिटेन के आम चुनाव में पहली बार भारतीय मूल के 12 सांसद चुन कर आए हैं। 

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मॉरिशस

हाल ही में पीएम मोदी ने कहा था कि वे जब भी विदेश जाते हैं तो वहां बसे भारतीय मूल के लोगों से अवश्य मिलते हैं। इन लोगों में अब भी भारत के प्रति अटूट लगाव है। हाल ही में पीएम मोदी ने कहा था कि वे चाहते हैं कि ये प्रवासी जो अब संपन्न हो गए हैं, भारत के साथ अपना अटूट रिश्ता बनाए रखें। 30 देशों के सांसद और विधानमंडलों के सदस्यों को इस सम्मेलन में आमंत्रित किया गया था जिसमें 24 देशों के भारतीय मूल के सांसद और विधायक शामिल हुए।

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